गंगा नदी के बारे में 45 रोचक जानकारियाँ – Amazing Facts About Ganga River
Amazing Facts About Ganga River in Hindi – भारत की सबसे महत्वपूर्ण नदी गंगा है. यह नदी यहा के लोगो के लिए पूजनीय और बंदनीय है. यह नदी जन जन की घार्मिक आस्था से भी जुड़ा है जिसके कारण इसका महत्व काफी बढ़ जाता है. गंगा नदी का जल शुद्ता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है.भारत में नदियों को देवी के समान समझा जाता है और विशेषकर गंगा नदी को विशेष स्थान दिया गया है। साथ ही गंगा नदी के जल से सिंचाई कर विभिन्न राज्यों में फसलें भी उगाई जाती हैं। गंगा नदी भारत की लोकप्रिय और प्रसिद्ध नदी है, इसलिए गंगा नदी के रोचक तथ्य भी अद्भुत है.
Amazing Facts About Ganga River in Hindi- गंगा नदी के बारे में रोचक तथ्य हिंदी में
गंगा नदी के किनारे बहुत सारे तीर्थ स्थल है जिसमे वाराणसी और हरिद्वार मुख्य है.
इलाहाबाद और हल्दिया के बीच (1600 कि. मी.) गंगा नदी जलमार्ग को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया है.
डालफिन और शार्क भी गंगा नदी में पाए जाते है और बहते हुए पानी में शार्क का मिलना देश विदेश के वैज्ञानिको को आकर्षित करता है.
भारत और बांग्लादेश की कृषि में गंगा नदी का बहुत बड़ा सहयोग है. इस नदी से कृषि क्षेत्रो की सिचाई के लिए पूरे साल जल मिलता है.
गंगा नदी राफ्टिंग के लिए काफी प्रसिद्ध है. यहा पर बड़ी संख्या में पर्यटक राफ्टिंग करने आते है.
गंगा जल को अमृत के समान माना जाता है. गंगा नदी के घाटो पर लोग पूजा अर्चना और ध्यान करते है. भारत में लोग गंगा जल को अपने घर में रखते है और शुभ कार्यो में उसका उपयोग करते है.
गंगा नदी के साथ अनेक पौराणिक कथाएँ जुड़ी हुई हैं.
गंगा नदी में 2 करोड़ 90 लाख लीटर प्रदूषित कचरा प्रतिदिन गिरया जा रहा है.
वैज्ञानिक जाँच के अनुसार गंगा नदी का बायोलॉजिकल ऑक्सीजन स्तर 3 डिग्री से बढ़कर 6 डिग्री हो चुका है.
गंगाजल से हैजाऔ र पेचिश जैसी बीमारियाँ होने का खतरा बहुत ही कम हो जाता है.
इलाहाबाद और हल्दिया के बीच 1600 किलोमीटर गंगा नदी जलमार्ग को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया है.
गंगा नदी में मछलियों और सर्पों की अनेक प्रजातियाँ तो पायी ही जाती हैं, मीठे पानी वाले दुर्लभ डॉलफिन भी पाये जाते हैं.
चमत्कृत हैमिल्टन समझ ही नहीं पाए कि गंगाजल की औषधीय गुणवत्ता को किस तरह प्रकट किया जाए.
गंगा नदी गंगोत्री हिमनाद से निकलती है. इसकी लम्बाई 2,525 कि. मी. है. गंगा नदी भारत की प्राकृतिक संपदा ही नही बल्कि यह जन-जन के भावनात्मक आस्था से भी जुड़ा हुआ है.
इस नदी के जल में बैक्टीरियोफेज नमक विषाणु पाए जाते है जिसके कारण हानिकारक जीवाणु और अन्य सूक्ष्म जीव जीवित नही बचते है.
गंगा नदी भारत के सभी नदियों में सबसे पबित्र नदी मानी जाती है और ऐसा माना जाता है कि इसमे स्नान करने से सारे पाप और दुःखो का नाश हो जाता है.
इसमे मछलियों की 140 प्रजातियाँ, 35 सरीसृप तथा इसके तट पर 42 स्तनधारी प्रजातियाँ पाई जाती हैं. इसके तटीय क्षेत्र काफी ही सुन्दर और शांति पूर्ण है जिसके कारण देश और विदेश के पर्यटक को अपनी तरफ आकर्षित करता है.
1950 में रूसी वैज्ञानिकों ने हरिद्वार एवं काशी में स्नान के बाद ही कहा था कि उन्हें स्नान के बाद ही ज्ञात हो पाया कि भारतीय गंगा और गंगाजल को इतना पवित्र क्यों मानते हैं.
इ्ंगलैंड के चिकित्सक सी. ई. नेल्सन ने गंगाजल पर अनुसंधान करते हुए लिखा है कि गंगाजल में सड़ने वाले जीवाणु ही नहीं होते.
डॉ. हैरेन ने गंगाजल से ‘बैक्टीरियासेपफेज‘ नामक एक घटक निकाला, जिसमें औषधीय गुण हैं.
वैज्ञानिक परीक्षणों से पता चला है कि गंगाजल से स्नान करने तथा गंगाजल को पीने से हैजा प्लेग, मलेरिया आदि रोगों के कीटाणु नष्ट हो जाते हैं.
कुछ भू-रासायनिक क्रियाएं भी गंगाजल में होती रहती हैं, जिससे इसमें कभी कीड़े पैदा नहीं होते.
गंगा के पानी में गंधक की प्रचुर मात्रा मौजूद रहती है; इसलिए गंगाजल ख़राब नहीं होता.
वैज्ञानिक शोध से पता चला है कि गंगा के पानी में ऐसे जीवाणु हैं जो सड़ाने वाले कीटाणुओं को पनपने नहीं देते, इसलिए पानी लंबे समय तक ख़राब नहीं होता.
आइने अकबरी‘ में लिखा है कि बादशाह अकबर पीने के लिए गंगाजल ही प्रयोग में लाते थे. इस जल को वह अमृत कहते थे.
अमेरिका को खोजने वाला कोलंबस गंगा की तलाश में भटकते हुए मार्ग खो बैठा था.
भारत में हर शुभ कार्य के लिए गंगा जल का प्रयोग किया जाता है.
भारतीय हिन्दू धर्म में ऐसी मान्यता है की, यदि किसी को मृत्यु के समय गंगाजल पिलाया जाए तो मरने वाले व्यक्ति को स्वर्ग की प्राप्ति होती है.
गंगाजल में कभी दुर्गन्ध नहीं आती, इसीलिए लोग गंगाजल को अपने घरों में हमेशा रखते हैं.
पूरी दुनिया में केवल गंगा नदी ही एकमात्र नदी है, जिसे माता के नाम से पुकारा जाता है.
गंगा नदी के किनारे ही रहकर महर्षि वाल्मीकि ने महाग्रंथ रामायण की रचना की थी.
पुराणों के अनुसार स्वर्ग में गंगा को मन्दाकिनी और पाताल में भागीरथी कहते हैं.
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गंगा का स्वर्ग से धरती पर आगमन हुआ था.
गंगा नदी के तटीय क्षेत्रों में दलदल तथा झीलों के कारण यहाँ लेग्यूम, मिर्च, सरसो, तिल, गन्ना और जूट की बहुतायत फसल होती है.
गंगा नदी पर बना विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा (सुन्दरवन) बहुत-सी प्रसिद्ध वनस्पतियों और प्रसिद्ध बंगाल टाईगर का निवास स्थान है.
गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के मिलन स्थल पर बनने वाले मुहाने को सुन्दरवन के नाम से जाना जाता है.
ऐतिहासिक साक्ष्यों से यह ज्ञात होता है कि 16वीं तथा 17वीं शताब्दी तक गंगा-यमुना प्रदेश घने वनों से ढका हुआ था.
गंगा नदी इलाहाबाद के प्रयाग में यमुना नदी से संगम होता है. इसे तीर्थराज प्रयाग कहा जाता है.
गंगा नदी के इस उद्गम स्थल की ऊँचाई 3140 मीटर
गंगा नदी पर निर्मित अनेक बाँध — फ़रक्का बाँध, टिहरी बाँध, तथा भीमगोडा बाँध, भारतीय जन-जीवन तथा अर्थव्यवस्था का महत्त्वपूर्ण अंग हैं. इनमें प्रमुख हैं
गंगा नदी की प्रधान शाखा भागीरथी है जो कुमायूँ में हिमालय के गौमुख नामक स्थान पर गंगोत्री हिमनद से निकलती हैं.
भारत सरकार के द्वारा गंगा नदी को भारत की राष्ट्रीय नदी घोषित किया है.
गंगा नदी भारत और बांग्लादेश के देशों से होकर बहती है।
गंगा नदी भारत की सबसे लंबी नदी है। और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी नदी है।
बड़े पैमाने पर प्रदूषण की वजह से गंगा नदी की डॉल्फिन और गंगा नदी शार्क खतरे में पड़ गई हैं।
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